चूत दिखाकर ललचाया अपने देवर को
गर्मियों की रात थी। घर में सन्नाटा था। शीला अपने कमरे में अकेली थी, उसका पति शहर से बाहर गया था। उसकी साड़ी का पल्लू नीचे सरक गया था, और चोली में उसके मोटे चूचे उभर रहे थे। तभी उसका देवर, राकेश, कमरे में दाखिल हुआ। राकेश 25 का था, जवान और हट्टा-कट्टा। उसकी नजर … पूरी कहानी पढ़िए