Madam Ki Chudai Student Teacher Sex Story – मेरा नाम राहुल है। मैं 19 साल का हूँ, कॉलेज का दूसरा साल चल रहा था। लंबा हूँ, गोरा हूँ, और जिम में मेहनत करके बनाया हुआ जिस्म मेरा कॉलेज की लड़कियों को पागल कर देता था। लेकिन मेरा ध्यान किसी और पर था—हमारी मैथ्स टीचर, सोनिया मैडम। सोनिया मैडम 32 साल की थीं, लेकिन उनका जिस्म ऐसा था कि 20 साल की लड़कियाँ भी फेल। सांवला रंग, मोटी चूचियाँ जो साड़ी में हमेशा उभरी रहती थीं, और भारी गांड जो चलते वक्त लचकती थी। उनकी कमर पतली थी, और होंठ इतने रसीले कि हर स्टूडेंट का लंड उन्हें देखकर फड़फड़ाता था।
क्लास में शुरू हुई गर्मी
पहली बार मैंने सोनिया मैडम को क्लास में देखा था। वो ब्लैक साड़ी में थीं, और उनका ब्लाउज़ इतना टाइट था कि उनकी चूचियाँ बाहर निकलने को बेताब थीं। वो बोर्ड पर कुछ लिख रही थीं, और उनकी गांड का उभार देखकर मेरा लंड पैंट में तन गया। मैंने सोचा, “इसकी चूत को चोदने का मौका मिले, तो जिंदगी बन जाए।” वो जब मेरी तरफ मुड़ीं, तो उनकी नजर मेरे चेहरे पर टिकी। एक हल्की सी स्माइल दी, और मैं समझ गया कि मैडम भी कुछ चाहती हैं।
ट्यूशन का बहाना
कुछ दिन बाद मैंने मैडम से ट्यूशन की बात की। मेरे मैथ्स में नंबर कम थे, और ये एक अच्छा बहाना था। वो बोलीं, “शाम को मेरे घर आ जाओ, राहुल। मैं तुम्हें अच्छे से समझा दूँगी।” उनकी आवाज़ में एक कामुक लहजा था। मैंने हाँ कहा, और उस शाम को तैयार होकर उनके घर पहुँच गया। मैडम ने दरवाजा खोला—लाल नाइटी में थीं, जिसमें उनकी चूचियाँ साफ झलक रही थीं। उनकी गांड नाइटी में कसकर उभर रही थी, और मैंने सोचा, “आज तो चुदाई पक्की है।”
गर्म साँसों का खेल
मैडम ने मुझे अंदर बुलाया। उनका फ्लैट छोटा था, लेकिन माहौल कामुक था। मेज पर किताबें रखी थीं, और वो मेरे पास बैठ गईं। उनकी नाइटी का गला गहरा था, और उनकी चूचियों की दरार साफ दिख रही थी। वो बोलीं, “राहुल, तुम्हारा ध्यान पढ़ाई पर कम, कहीं और ज़्यादा है।” मैंने हँसते हुए कहा, “मैडम, आपकी चूचियाँ देखकर कौन पढ़ाई पर ध्यान देगा?” वो हँस पड़ीं और बोलीं, “तो फिर पढ़ाई छोड़कर कुछ और सीख लो।” उनकी आँखों में चुदाई की भूख थी।
चूचियों का पहला स्पर्श
मैडम ने मेरे हाथ को पकड़ा और अपनी चूचियों पर रख दिया। मैंने उनकी नाइटी के ऊपर से चूचियाँ दबाईं—मोटी, नरम, और गरम। मेरी उंगलियाँ उनके निप्पल पर गईं, और वो सिसक उठीं, “आह… राहुल, दबा दे इनको!” मैंने नाइटी का गला नीचे खींचा, और उनकी मोटी चूचियाँ बाहर उछल पड़ीं। मैंने एक चूची मुँह में ली और चूसने लगा। मैडम की सिसकारी निकली, “चूस ले, राहुल… मेरी चूचियाँ तेरे लिए हैं!” उनकी चूचियाँ चूसते वक्त मेरा लंड पैंट में फटने को तैयार था।
चूत की खुशबू
मैंने मैडम की नाइटी पूरी उतार दी। वो अब सिर्फ पैंटी में थीं। उनकी चूत पैंटी में गीली होकर उभर रही थी। मैंने पैंटी खींचकर फेंक दी, और उनकी नंगी चूत मेरे सामने थी—गुलाबी, गीली, और चिकनी। मैंने अपनी जीभ उनकी चूत पर फेरी, और मैडम चिल्ला उठीं, “आह… राहुल, चाट ले मेरी चूत!” मैंने उनकी चूत को चूसना शुरू किया। उनका पानी मेरे मुँह में जा रहा था, और उनकी गांड उछल रही थी। वो बोलीं, “तेरी जीभ मेरी चूत को पागल कर रही है!”
लंड का स्वागत
मैंने अपनी पैंट उतारी, और मेरा 8 इंच का मोटा लंड बाहर लहराने लगा। मैडम ने उसे देखा और बोलीं, “राहुल, तेरा लंड तो मेरी चूत फाड़ देगा!” मैंने कहा, “मैडम, आज आपकी चूत का भोसड़ा बनाऊँगा।” वो हँसीं और मेरे लंड को मुँह में ले लिया। उनकी गर्म जीभ मेरे लंड को चाट रही थी, और मैं सिसक रहा था, “मैडम, चूस डालो इसे!” वो मेरे लंड को गले तक ले गईं, और उनका थूक मेरे लंड पर टपक रहा था।
चुदाई का पहला राउंड
मैंने मैडम को सोफे पर लिटाया। उनकी जाँघें चौड़ी कीं, और अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ा। वो चिल्लाईं, “डाल दे, राहुल… चोद दे मेरी चूत!” मैंने एक झटके में लंड पेल दिया। उनकी चूत टाइट थी, और वो चीख पड़ीं, “आह… मर गई… तेरा लंड बहुत मोटा है!” मैंने रुकने का नाम नहीं लिया। मेरा लंड उनकी चूत को चोद रहा था, और फच-फच की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी। उनकी चूचियाँ उछल रही थीं, और मैंने उन्हें कसकर दबाया।
गांड की बारी
मैंने मैडम को घोड़ी बनाया। उनकी मोटी गांड मेरे सामने थी। मैंने उनकी गांड पर थप्पड़ मारा, और वो सिसकारी, “आह… राहुल, चोद दे मेरी गांड भी!” मैंने अपना लंड उनकी चूत से निकाला और उनकी गांड पर रगड़ा। उनकी गांड टाइट थी, लेकिन मैंने धीरे से लंड डाला। वो चिल्लाईं, “आह… फट गई मेरी गांड!” मैंने उनकी गांड को चोदना शुरू किया, और उनकी चूचियाँ हवा में लटक रही थीं।
टेबल पर चुदाई
रात गहराती गई। मैंने मैडम को टेबल पर लिटाया। उनकी टाँगें कंधों पर रखीं, और उनकी चूत को फिर से चोदा। मेरा लंड उनकी चूत की गहराई तक जा रहा था। वो चिल्ला रही थीं, “राहुल… मेरी चूत फाड़ दे… चोद डाल मुझे!” मैंने उनकी चूचियाँ मसलीं, उनके होंठ चूसे, और उनकी गांड को दबाया। उनकी चूत बार-बार झड़ रही थी, और मेरा लंड उसे रगड़ रहा था।
बिस्तर पर तूफान
मैंने मैडम को बिस्तर पर पटका। उनकी गांड ऊपर की, और मैंने पीछे से उनकी चूत में लंड पेल दिया। वो चिल्लाईं, “आह… राहुल, तेरा लंड मेरी जान लेगा!” मैंने उनकी चूचियाँ पकड़ीं और जोर-जोर से चोदा। उनकी चूत का पानी टपक रहा था, और मेरे धक्कों से बिस्तर हिल रहा था। वो सिसक रही थीं, “चोद… और चोद… मेरी चूत तेरे लंड की गुलाम है!”
रात भर की चुदाई
रात भर हमारी चुदाई चलती रही। मैंने मैडम को बाथरूम में ले जाकर शावर के नीचे चोदा। उनकी चूचियाँ पानी से चमक रही थीं, और मैंने उनकी गांड को रगड़ा। वो चिल्लाईं, “राहुल, मेरी चूत और गांड दोनों चोद डाल!” मैंने उनका मुँह अपने लंड से भरा, और वो मेरा माल चूस गईं। हम दोनों पसीने और चुदाई की गर्मी से तर थे।
सुबह का नशा
सुबह हुई, और मैडम मेरी बाहों में नंगी पड़ी थीं। उनकी चूत सूज गई थी, उनकी गांड लाल थी, और उनकी चूचियाँ मेरे दबाने से नीली पड़ गई थीं। वो बोलीं, “राहुल, तूने मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया।” मैंने उनकी चूत सहलाई और कहा, “मैडम, आपकी चूत चोदने का मज़ा ही अलग है।” वो हँसीं और मेरे लंड को दबाया।
चुदाई का सिलसिला
उस दिन के बाद, हर ट्यूशन में चुदाई होती थी। मैडम मुझे अपने घर बुलातीं, और मैं उनकी चूत और गांड चोदता। कभी क्लासरूम में, कभी उनके फ्लैट में—हमारी चुदाई का नशा बढ़ता गया। उनकी चूचियाँ मेरे मुँह की गुलाम थीं, और मेरा लंड उनकी चूत का मालिक।
अंतहीन आग
यह कहानी एक ऐसी आग थी जो कभी नहीं बुझती। सोनिया मैडम और मैं एक-दूसरे के जिस्म के दीवाने हो गए थे। हर रात उनकी चूत मेरे लंड से चुदती, और हर सुबह वो मेरे माल से भीग जाती। हमारी चुदाई का खेल अनंत था।