Pari ki Sex Kahani : आसमान की परी की चुदाई
एक सर्द रात थी। पहाड़ों से ठंडी हवा जंगल में बह रही थी, और चाँद की चाँदनी हर पत्ते को चाँदी सा रंग दे रही थी। राहुल अपनी छोटी सी झोपड़ी में अकेला बैठा था। आग की लपटें उसकी आँखों में चमक रही थीं, और उसकी पैंट में उसका लंड बेकाबू हो रहा था। वो अपनी उंगलियों से उसे सहला रहा था कि तभी हवा में एक मादक खुशबू फैली—गुलाब और चंदन का नशा। उसने नजर उठाई तो सामने एक हसीना खड़ी थी। लाल साड़ी में उसकी मस्त गांड और चूचों की उभार ने राहुल का लंड तड़पने पर मजबूर कर दिया। वो थी “आसमान की परी”।
“कौन है तू, हरामजादी?” राहुल ने गरम लहजे में पूछा। उसकी नजर उसकी चोली में छुपी चूत की लकीर और नाभि की गहराई पर अटक गई। “मैं वो हूँ जो तेरे लंड को चैन से सोने न देगी,” उसने अपने रसीले होंठ चाटते हुए जवाब दिया। वो करीब आई, उसकी साड़ी का पल्लू हवा में लहराया, और उसकी नंगी कमर चाँदनी में चमक उठी। राहुल का लंड अब पैंट फाड़ने को बेताब था। “तेरी चूत मुझे ललकार रही है, साली,” उसने कहा और उसे अपनी मजबूत बाहों में खींच लिया। उसकी चोली उसके चूचों को ढकने में नाकाम थी, और राहुल की आँखें उसकी गहरी दरार में डूब गईं।
परी ने हँसते हुए अपनी चोली उतार फेंकी। उसके मोटे, रसीले चूचे हवा में लहराए, और सख्त निप्पल राहुल को चिढ़ा रहे थे। “चूस ले इन्हें, मेरे रजा, मेरे चूचे तेरे मुँह की प्यासी हैं,” उसने कहा और अपने चूचों को राहुल के होंठों पर रगड़ा। राहुल ने एक चूचे को अपने मुँह में भरा और जोर-जोर से चूसने लगा। “आह्ह, मेरे निप्पल चाट, मेरी चूत में आग लग रही है!” परी चिल्लाई। उसने राहुल की शर्ट फाड़ दी और उसकी चौड़ी छाती पर अपने नाखून गड़ा दिए। फिर उसकी उंगलियाँ नीचे सरकीं, राहुल की पैंट खोली, और उसका मोटा, सख्त लंड बाहर निकाल लिया। “क्या मस्त लंड है तेरा, इसे मेरी चूत में पेल दे!” उसने लंड को मसलते हुए कहा।
राहुल ने उसे जमीन पर पटक दिया। उसकी साड़ी ऊपर सरक गई, और उसकी गीली चूत चाँदनी में चमक रही थी। “तेरी चूत तो रस से लबालब है, रंडी,” उसने कहा और अपनी जीभ उसकी चूत के होंठों पर फेर दी। “चाट ले मेरी चूत, इसे चूस-चूस कर फाड़ दे!” परी की सिसकियाँ जंगल में गूँजने लगीं। राहुल ने उसकी चूत को चाटा, उसका रस उसके होंठों पर लगा, और वो पागल हो उठा। “तेरी चूत का स्वाद तो शहद से मीठा है, इसे चोदने का मन कर रहा है,” उसने कहा। उसने अपनी उंगलियाँ उसकी चूत में डालीं और अंदर-बाहर करने लगा। परी की गांड हवा में उछलने लगी, “उंगली मत कर, लंड डाल के चोद मुझे!” वो चीख पड़ी।
परी ने अपनी टाँगें चौड़ी कीं और अपनी मस्त गांड उठाई। “चोद ना मुझे, मेरी चूत और गांड दोनों तेरे लंड की भूखी हैं!” उसने चिल्लाते हुए कहा। राहुल ने अपना गरम लंड उसकी चूत पर रगड़ा और एक जोरदार धक्का मारा। “आह्ह, मेरी चूत फट गई, और जोर से पेल!” परी चीखी। उसकी गांड हर धक्के के साथ थरथरा रही थी। राहुल ने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड ठोक दिया। “तेरी गांड तो माल है, इसे भी चोदूँगा,” उसने कहा और उसकी चिकनी गांड पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। “मारो, मेरी गांड लाल कर दो, फिर अपने लंड से चीर डालो!” परी ने जवाब में चीखा।
राहुल ने उसकी गांड के छेद पर अपनी उंगली फेर दी। फिर अपना लंड उसकी चूत से निकाला और उसकी टाइट गांड में घुसा दिया। “आह्ह, मेरी गांड फाड़ दी, और जोर से चोदो, हरामी!” परी की चीखें आसमान तक पहुँच गईं। राहुल का लंड उसकी गांड में अंदर-बाहर हो रहा था, और उसकी चूत से रस टपक कर जमीन पर गिर रहा था। “तेरी गांड तो चूत से भी गर्म है, साली,” उसने कहा और धक्कों की रफ्तार दोगुनी कर दी। परी ने अपनी गांड पीछे धकेली, “पूरा लंड डाल, मेरी गांड को रगड़ डाल!” वो चिल्लाई। राहुल ने उसकी कमर पकड़ी और उसे कुत्ते की तरह चोदने लगा।
परी ने उसे पलटा और उसके लंड पर चढ़ बैठी। “अब मैं तेरे लंड की सवारी करूँगी, मेरे साँड़,” उसने कहा और अपनी चूत में लंड डालकर उछलने लगी। उसके चूचे हवा में नाच रहे थे, और राहुल ने उन्हें मसलते हुए कहा, “चोद ले मुझे, मेरे लंड को चूस ले अपनी चूत से!” परी की चूत राहुल के लंड को निगल रही थी, और उसकी गांड हर उछाल के साथ थप-थप की आवाज कर रही थी। “तेरा लंड मेरी चूत को चीर रहा है, और जोर से पेल!” उसने चिल्लाते हुए कहा। राहुल ने नीचे से धक्के मारे, और उसकी चूत की गहराई तक लंड ठोक दिया।
अब चुदाई अपने चरम पर थी। राहुल ने उसे फिर से घुमाया और उसके रसीले होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उसकी जीभ परी के मुँह में घुसी, और दोनों एक-दूसरे के होंठ चूसने लगे। “तेरे होंठ तो आग हैं, इन्हें काट डालूँगा,” राहुल ने कहा और उसके निचले होंठ को दाँतों से दबा दिया। परी ने जवाब में उसका लंड पकड़ा और जोर से मसल दिया। “तो मेरी चूत को भी काट, इसे चोद-चोद कर रस से भर दे!” उसने कामुक अंदाज में कहा। राहुल ने उसकी चूत में फिर से लंड पेला और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। “तेरी चूत को फाड़ डालूँगा, रंडी!” उसने चीखा।
रात अब चुदाई की आग में जल रही थी। राहुल का लंड परी की चूत और गांड में बार-बार घुस रहा था। “चोद मुझे, मेरी चूत और गांड को अपने लंड का गुलाम बना दे!” परी चिल्ला रही थी। राहुल ने आखिरी जोरदार धक्का मारा, और उसका गरम रस परी की चूत में फूट पड़ा। बाकी रस उसके चूचों, होंठों और गांड पर छिड़क गया। “आह्ह, मेरे होंठ चाट, तेरे रस का स्वाद लूँगी,” परी ने कहा और राहुल के लंड से टपकते रस को अपने होंठों पर लगाया। दोनों हाँफते हुए एक-दूसरे से लिपट गए, उनके नंगे जिस्मों की गर्मी ने आग को भी शरमा दिया।
सुबह तक उनकी चुदाई की गूँज जंगल में बनी रही। चाँद बादलों में छिप गया, और सूरज भी उनकी गरम रात की कहानी देखने से कतरा रहा था। राहुल और परी एक-दूसरे में डूबे रहे—उनकी चूत, गांड और लंड की तिकड़ी ने रात को यादगार बना दिया। “तू सचमुच आसमान की परी है,” राहुल ने हाँफते हुए कहा। “नहीं, मैं तेरे लंड की रानी हूँ,” परी ने हँसते हुए जवाब दिया, और उसकी चूत फिर से राहुल के लंड को ललकारने लगी।