लंड की प्यास कम होती नहीं चूत गीली ही रहती है क्या करूँ?

Unsatisfied married woman sex story : दोस्तों आज मैं आपको अपनी व्यथा सुनाने जा रही हूँ। मुझे लंड चूसने की आदत है। और मुझे ऐसा कोई मर्द नहीं मिला जो मुझे २ घंटे तक चोद सकते। मैं लंड की प्यासी हूँ चुदाई की प्यासी हूँ। मैं क्या करूँ समझ नहीं आता है। जब तक चुदती नहीं हूँ तब तक मुझे मन नहीं लगता है। जी घबराने लगता है और चूत में खुजली होने लगती है।

आज मैं आपको अपनी कहानी बताने जा रही हूँ। पति तो चोद सकता नहीं है तो कैसे अपनी प्यास कुमार जी से मिटा रही हूँ। और मैं कैसे उनको मजबूर कर देती हूँ चुदाई की लिए और क्या क्या करती हूँ जब वो मुझे चोदते हैं आपको पूरी कहानी इस वेबसाइट यानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर बताने जा रही हूँ।

मेरे प्यार दोस्तों, मेरी शादी के आठ साल हो गए। मैं लव मैरिज की हूँ। शादी तक मुझे ऐसा नहीं लगता है यानी मैं ज्यादा चुड़क्कड़ स्वाभाव की नहीं थी पर इधर जब से इंटरनेट की दुनिया में कदम रखी हूँ तब से मैं बैचैन हूँ अपनी चुदाई को लेकर।

जब से मुझे पोर्न का चस्का लगा और जब से सेक्स कहानियां पढ़ने लगी हूँ तब से मेरी चूत गीली की गीली ही रहती है। और कोई चोदने वाला नहीं है। चुदाई तो अभी भी मेरी रोज होती है पर ऐसे मर्द की तलाश ही जो मुझे खुश कर सके मुझे चोद सके.

पति से आजतक संतुष्ट नहीं हुई तो। मैं अपने फ्लैट के निचे ही एक आदमी है हॉट और सेक्सी। उनसे मैं इंटरनेट मार्केटिंग सिखने के बहाने मैं जाने लगी पति भी मुझे जाने को कह दिए। उनके यहाँ उनकी पत्नी है वो स्कूल जाती है पढ़ने तो घर में होती नहीं है वो चार बजे आती है। मेरे पति भी दस बजे चले जाते हैं तो मैं भी फ्री हो जाती हूँ।

ये कहानी और भी हॉट और सेक्सी है :  Say Something about you, Plesae

और कुमार जी का घर से ही काम है तो घर पर ही रहते हैं तो मेरे लिए तो ये सब अच्छा हुआ और मैं उनके यहाँ सिखने जाने लगी। धीरे धीरे बात आगे बढ़ी और मेरे जिस्म तक पहुंच गई। जिस्म तक पहुंचने में देर नहीं लगने का ये भी कारन था, की मैं खुद ही चुदाई की प्यासी तो मुझे तो लंड चूसने को मिलना चाहिए था। और चूत की गर्मी को शांत करने चाहिए थे। इसलिए मैं भी जल्द ही उनके करीब आ गई।

एक दिन की बात है। मेरे पति बाहर गए थे यानी दिल्ली से बाहर। और कुमार जी की पत्नी भी सरकारी काम से बाहर गई थी दो दिन के लिए। यानी कोई डर की बात नहीं था की कोई आ जायेगा।

बस ये दिन मेरे लिए बेहतरीन था। सुबह दस बजे उनके यहाँ गई तो वो नहा ही रहे थे। दरवाजा खुला हुआ था तो मैं अंदर चली गई। वो नहा कर आये। निचे तौलिया लपेटे थे, बदन पर कपडे नहीं थे। ऊपर से खुशबु डेनिम साबुन की मैं निहारने लगी और मेरे मन में उनको पानी की इच्छा होने लगी। वो मेरे करीब आने लगे और मेरी धड़कन तेज होने लगी।

वो मेरे करीब आ गए करीब से मेरे होठ को निहारने लगे। मेरे होठ लड़खड़ाने लगे। हिलने लगे मेरी नजरें झुकने ही वाली थी की वो मेरी ठुड्ढी को निचे से सपोर्ट देकर मुझे अपने और देखने को मजबूर करने लगे।

मैं रह नहीं पाई क्यों की मैं खो गई थी अपने आप में। मैं अपना होठ आगे कर दी और आँखे बंद कर ली। उन्होंने मेरे बाले पीछे से पकड़ लिए और अपने करीब ले आये मुझे मेरी साँसे तेज हो गई थी उनकी भी साँसे तेज तेज चल रही थी और फिर मेरे होठ को अपने मुँह में ले लिए और चूसने लगे।

ये कहानी और भी हॉट और सेक्सी है :  ज्यादा देर तक सेक्स करने के ये हैं टॉप 10 टिप्स

मेरी गुलाबी होठ उनके मुँह में था मेरी साँसे तेज हो गई थी। आँखे बंद थी मैंने भी अपना हाथ उनके सर के पीछे लगाया और फिर उनके होठ को चूसने लगी। करीब पांच मिनट में ही हम दोनों वाइल्ड हो गए। उन्होंने मुझे पलंग पर लिटा दिया।

ऊपर चढ़ गए मेरे होठ को चूसते हुए अपने दोनों हाथों में मेरी दोनों हाथों की उँगलियों को जकड लिया और पीछे के तरफ कर दिया हम दोनों के हाथ लॉक हो चुके थे मुझे चूम रहे थे।

तभी उन्होंने मुझे बैठाया और मेरे कपडे उतारने लगे. मैं भी कुछ नहीं बोली उन्होने मेरी कुर्ती उतार दिया और मेरी ब्रा भी खोल दिया। उनका तौलिया खुल गया था वो मैं उनके लंड को देख पा रही थी सांप की तरह फनफना रहा था। मोटा और करीब आठ इंच लंबा। मैं देख कर पानी पानी हो गई। पहली बार इतने मोटे और लम्बे लंड को देख रही थी।

दोस्तों मैं खुद ही अपने से निचे के लेग्गिंग्स को उतार दी और चड्ढी भी खोल दी। दूधिया जिस्म जिसपर गोल गोल सुन्दर दो चूचियां। गोरे बदन पर काले काले बाल मेरी चूत पर ऐसा लग रहा था रेगिस्तान में घांस उग गया हो। दोस्तों उन्होंने मेरे जिस्म के साथ खेलना शुरू कर दिया और मेरे होठ से लेकर मेरे पैर के अंगूठे तक चूमने लगे।

अब बर्दास्त नहीं हो पा रहा था तो खुद ही अपने पैरों को अलग अलग कर ली वो निचे हो गए अपना लंड मेरी चूत पर सेट किया। और जोर से पेल दिया पूरा लौड़ा मेरी चूत के अंदर चला गया इससे कहते है देसी चुदाई दोस्तों मैं मजे में थी अंग अंग अंगड़ाइयां ले रही थी और वो हौले हौले धक्के देने लग। मैं आह आह आह आह आह कर रही थी होठ मेरे सुख रहे थे। मैं चुदाई का आनंद लेने लगी।

ये कहानी और भी हॉट और सेक्सी है :  Experience of tight pussy?? kaisa laga aapko virgin ko chodne me

वो जोर जोर से देने लगे मेरा पूरा बदन हिल रहा था उनके जोर जोर से झटके से। मैं चुद रही थी उनको निहार रही थी अपनी चूचियां खुद ही दबा रही थी। दोस्तों फिर क्या था मैं जैसे जैसे कहती गई वो वैसे वैसे चोदते गए। कभी आगे से कभी पीछे से कभी खड़ा कर के कभी बैठ कर कभी मैं ऊपर कभी वो ऊपर।

दोस्तों पानी पानी हो गई। खूब चोदा उन्होंने।

अब दूसरे दिन से सीखना गया तेल लेने। उनके घर पहुंचते ही वाइल्ड तरीके से एक दूसरे को चूमने लगती। और फिर बिस्तर तक पहुंच जाती। दिन भर उनके बाहों में सोये रहती। मेरा समय होता है और मैं वापस अपने घर आ जाती।

अब उनकी बीवी भी आ गई है। तो उतना समय नहीं मिल पाता है फिर भी उन्हें सरकारी काम से अब भी जाना पड़ रहा है। जब वो बाहर रहती है तब तक मैं उनको अपनी जिस्म सौंपते रहती हूँ।

पर दोस्तों अब मुझे वह से भी पूरा नहीं हो पा रहा है। मैं ऐसे मर्द की तलाश में हूँ जो मुझे दिन भर चोदे देखिये अब मेरी मनोकामना कब पूर्ण होती है।

अपनी दूसरी कहानी जल्द ही आपको सुनाने वाली हूँ तब तक आप और भी कहानियां पढ़िए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर। रोजाना आइये मजे कीजिये मूठ मारिये।