होने वाली सास जुली की छिपी वासना
जुली की आँखें उस ठंडी रात में खुली हुई थीं, जैसे कोई अनकही बात मन में जाग रही हो। दिल्ली की सर्दी अब चरम पर थी। खिड़की से आती हवा पर्दों को हल्के-हल्के हिलाती, और कमरे में सिर्फ घड़ी की टिक-टिक और जुली की साँसों की हल्की आवाज़ गूंज रही थी। वो बिस्तर पर करवटें … पूरी कहानी पढ़ें