पहली मुलाकात में ही चोद दिया मेरा होने वाला पति – मुंबई की हिंदी सेक्स कहानी

मुंबई की वर्ली सी-फेस की उस लग्जरी हाई-राइज में, जहाँ समंदर की लहरें रात को खिड़कियों से टकराती हैं और शहर की नीली-हरी लाइट्स कमरे में रोमांटिक छाया बनाती हैं, मेरी जिंदगी का वो पहला दिन था जब मैंने समझा कि शादी का रिश्ता सिर्फ नाम का नहीं होता – वो एक ऐसी तड़प भी होती है जो पहली मुलाकात में ही शरीर को जला देती है। मैं, अनन्या, २३ साल की, छोटे शहर से आई लड़की, मुंबई में एमबीए कर रही थी। घरवालों ने मेरी शादी तय की थी – अर्जुन से, ३१ साल का, मुंबई में बड़ा बिजनेस करता था। बाहर से देखो तो सब परफेक्ट – लंबा, चौड़ा कंधा, हैंडसम चेहरा, अमीर फैमिली। लेकिन वो अंदर से एक ऐसा शिकारी था जो अपनी शिकार को पहली नजर में ही पकड़ लेता है।

पहली मुलाकात का दिन था। फैमिली ने तय किया कि दोनों अकेले में मिलें – एक प्राइवेट डिनर, मुंबई के मरीन ड्राइव के पास एक लग्जरी रूफटॉप रेस्टोरेंट में। मैंने काली ऑफ-शोल्डर ड्रेस पहनी थी – टाइट, घुटनों तक, बैक पूरी तरह खुला हुआ। बाल खुले, हल्का मेकअप, लिपस्टिक डीप रेड। दिल धड़क रहा था। पहली बार किसी लड़के से अकेले मिल रही थी जो मेरा होने वाला पति था। मैं नर्वस थी, लेकिन उत्सुक भी। वो आया। ब्लैक शर्ट, स्लीव्स ऊपर चढ़ी हुईं, आर्म्स पर नसें उभरी हुईं, मुस्कान ऐसी कि सांस रुक जाए। वो मेरे सामने बैठा। उसकी नजरें मेरी आँखों से शुरू हुईं, फिर मेरे होंठों पर रुकीं, फिर मेरी गर्दन पर, फिर मेरी छाती की गहराई में उतर गईं। वो बोला, “अनन्या… तुम्हारी तस्वीरों से कहीं ज्यादा खूबसूरत हो।” मैं शरमा गई। “थैंक यू… आप भी अच्छे लग रहे हो।”

डिनर शुरू हुआ। वाइन आई। बातें हुईं – मेरी पढ़ाई, उसका बिजनेस, फैमिली की बातें। लेकिन उसकी नजरें मेरे शरीर पर घूम रही थीं। मेरी ड्रेस का नेकलाइन थोड़ा नीचे था, वो बार-बार देख रहा था। मैंने महसूस किया कि मेरी चूत में हल्की सी गर्मी हो रही है, पैंटी गीली हो रही है। वो मेरे हाथ पर हाथ रख दिया। उसकी उँगलियाँ मेरी उँगलियों से खेल रही थीं। “अनन्या… तुम्हें पता है, मैंने तुम्हारी तस्वीर देखते ही फैसला कर लिया था।” मैंने पूछा, “क्या?” वो मुस्कुराया। “कि तुम्हें मैं ही रखूँगा। और आज ही।”

ये कहानी और भी हॉट और सेक्सी है :  पापा ने बेटी को चोदा आखिर किसलिए आप भी जानिए

मैं चौंक गई। “अजय… अभी तो…” वो नहीं रुका। उसने बिल चुकाया। उठा। बोला, “चलो। मेरे अपार्टमेंट में बात करेंगे।” मैंने मना करने की कोशिश की, लेकिन उसकी आवाज में इतनी ताकत थी कि पैर खुद चल पड़े। कार में बैठे। वो ड्राइव कर रहा था। उसका हाथ मेरी जांघ पर रख दिया। धीरे-धीरे ऊपर सरक रहा था। मैंने रोकने की कोशिश की। “अजय… पहली मुलाकात में…” वो बोला, “पहली मुलाकात ही तो सबसे खास होती है। आज तुझे पता चलेगा कि मैं कैसा पति बनूँगा।” उसका हाथ मेरी जांघ के अंदर सरक गया। पैंटी पर छुआ। मैं सिहर उठी। “अजय… मत…” लेकिन मेरी आवाज काँप रही थी। वो मुस्कुराया। “तू पहले से गीली है…”

उसका अपार्टमेंट बांद्रा वेस्ट में – हाई-फ्लोर, समंदर का व्यू। लिफ्ट में वो मुझे दीवार से सटा दिया। होंठ चूमने लगा। जीभ अंदर डाली। मैंने पहले विरोध किया, लेकिन फिर शरीर ने हार मान ली। जीभ से खेलते हुए उसने मेरी ड्रेस के स्ट्रैप नीचे सरकाए। लिफ्ट रुकी। दरवाजा खुला। वो मुझे गोद में उठाकर अंदर ले गया। दरवाजा बंद। लाइट्स डिम। वो मुझे सोफे पर पटका। मेरी ड्रेस ऊपर सरकी। वो मेरे ऊपर चढ़ गया। होंठ फिर चूमे। गर्दन चाटी। कानों में फुसफुसाया, “अनन्या… आज से तू मेरी है। पूरी तरह।”

उसने मेरी ड्रेस के स्ट्रैप नीचे किए। ब्रा बाहर। काली लेस ब्रा। उसने उतारी। मेरे स्तन बाहर आए – छोटे लेकिन सख्त, निप्पल खड़े। उसने दबाए। मैं सिसकारी। “आह… अजय… धीरे…” वो बोला, “धीरे नहीं… आज जोर से।” उसने एक निप्पल मुंह में लिया। जोर से चूसा। जीभ से घुमाया। दांतों से काटा। मैं चीख पड़ी। “आह… हाँ… काट… चूस… मेरे चुचे तेरे हैं… और जोर से…” वो दूसरे को भी वैसा ही कर रहा था। मैं उसके बाल पकड़ रही थी। “अजय… ओह… पहली बार किसी ने ऐसे छुआ… चूस… और चूस… मेरे निप्पल को लाल कर दे…”

ये कहानी और भी हॉट और सेक्सी है :  पति के मौत के 3 साल बाद जम कर चुदी अपने भाई से

उसने मेरी ड्रेस पूरी उतारी। पैंटी गीली। उसने उंगली से छुआ। “अनन्या… पहले से तर हो गई है… कितनी गीली है तेरी बुर…” वो पैंटी नीचे की। मेरी चूत बाहर। वो झुका। जीभ लगाई। मैं कमर उठाकर चीखी। “आह… अजय… चाट… मेरी बुर… बहुत जल रही है…” उसने जीभ अंदर डाली। क्लिट को चूसा। उँगलियाँ डालीं – दो, फिर तीन। मैं कमर हिला रही थी। “आह… अजय… उँगलियाँ… तेज… मेरी बुर फाड़… जीभ से चोद… ओह… और तेज… मैं झड़ने वाली हूँ…” वो स्पीड बढ़ाई। मैं काँपकर झड़ गई। मेरा रस उसके मुँह में बहा। वो सब चाट लिया।

फिर वो उठा। अपनी शर्ट उतारी। छाती चौड़ी, एब्स साफ। पैंट उतारी। लंड बाहर – लंबा, मोटा, नसें फूली हुईं। मैंने देखा तो डर लगने लगा। वो बोला, “डर मत… आज तेरी पहली रात होगी।” वो मेरे ऊपर आया। लंड मेरी चूत पर रखा। धीरे से अंदर। मैं कराही। “आह… अजय… दर्द हो रहा है… बड़ा है…” वो रुक गया। फिर धीरे-धीरे पूरा अंदर। मैं चीखी। “हाँ… पूरा… अब चोद…” उसने धक्के शुरू किए। धीरे से तेज। मैं कमर हिला रही थी। “अजय… जोर से… मेरी बुर फाड़ दो… चोद… आह… तेज… और तेज…” वो स्पीड बढ़ाई। मेरे चुचे हिल रहे थे। उसने दबाए। मैं उसकी पीठ नाखूनों से खरोंच रही थी। “अजय… अंदर झड़… मुझे भर दे… गर्म माल डाल…” उसने और जोर से धक्के मारे। एक साथ झड़ गए। उसका गरम माल मेरी बुर में भर गया। मैं काँपकर थम गई।

लेकिन वो रुका नहीं। वो बोला, “आज पूरी रात।” वो मुझे पलटा। डॉगी में। मेरी गांड पकड़ी। लंड फिर डाला। तेज-तेज। मैं चीख रही थी। “अजय… चोद… मेरी बुर और गांड दोनों तेरी… फाड़ दो… जोर से…” वो मेरे बाल पकड़कर पटक रहा था। मैं अपनी बुर सहला रही थी। हम कई बार झड़े। फिर वो बोला, “अब गांड में ट्राई करेगी?” मैं डर गई। “धीरे से…” उसने ऑयल लगाया। पहले उंगली। मैं सिहर उठी। “आह… दर्द… लेकिन अच्छा…” फिर लंड। धीरे से अंदर। मैं चीखी। “आह… अजय… बड़ा है…” वो धीरे-धीरे पूरा। मैं बोली, “अब चोद…” वो धक्के मारने लगा। मैं चीख रही थी। “जोर से… फाड़ दो मेरी गांड… बहुत मजा आ रहा है…” हम दोनों झड़ गए।

ये कहानी और भी हॉट और सेक्सी है :  आज मैं संतुष्ट हुई पति के दोस्त ने मेरी वासना शांत की

रात भर चुदाई होती रही। कभी सोफे पर, कभी बेड पर, कभी बालकनी में समंदर देखते हुए। सुबह थककर लेटे थे। वो बोला, “अनन्या… आज से तू मेरी पत्नी है। और ये पहली मुलाकात थी, लेकिन आखिरी नहीं होगी।” मैं मुस्कुराई। “अजय… मैं तेरी हूँ। पूरी तरह।”

समय बीता। शादी हुई। लेकिन वो पहली मुलाकात की आग आज भी जलती है। मुंबई की उस रात ने मुझे सिखाया कि शादी सिर्फ वादा नहीं, एक ऐसी चाहत है जो पहली नजर में ही पूरी हो जाती है।